याद आई...

तेरी आँखों के इशारों की बोहोत याद आई,
आज पतझड़ में बहारों की बोहोत याद आई...
जब लडखडाता हूँ निकल कर मैखाने से,
तेरी बांहों के सहारों की बोहोत याद आई...
जब भी पोंछे हैं आंसू मेंने हाथों से,
तेरे दामन के किनारों की बोहोत याद आई...

तेरी आँखों के इशारों की बोहोत याद आई,
आज पतझड़ में बहारों की बोहोत याद आई...


Comments

  1. yaad aayi yaad aayi.. fir tumhaari yaad aayi.....

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  2. anothr fab one...love it totally... :)

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  3. btw..liked the new theme color too... looks fresh :)

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