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Showing posts from February, 2012

Update...

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कुछ दिनों पहले उनसे मुलाकात हुई, बस देखा ही था दूर से, ना बात हुई ना चीत हुई, निकाला हमने झट-पट मोबाइल, क्यूंकि , facebook update तो बनता है... दीदार हुए दो दिन बाद फिर उनके, हंसी थोड़ी सी, मुस्कुराई भी थी, भाईओं इसका ही इंतज़ार था, दिल पर रख लिया बयां हाथ हमने तो, सोचा एक, facebook update तो बनता है... ख़ुशी में इसकी दारू चली, एक बार नहीं, बार-बार लगातार चली, हर weekend यही दौर था, पि के यार-दोस्तों ने भी यही कहा, भाई, facebook update तो बनता है... होश में आये जब हम वापस, उनके साथ कोई और भी था, हाथों में उसके, उनका हाथ भी था, दो गाली सुनाई मन्न ही मन्न हमने भी, "भाक साला", facebook update तो बनता है... इस बारी update पर मारा-मारी थी, 25 likes 50 commentओं की शुमारी थी, आधे पूछ रहे थे क्या हुआ भाई ? जिनको खबर थी उन्होंने हमारी ही मारी थी, किसने बोला था, facebook update तो बनता है??? एक बार फिर दारू का दौर आया, नाम तो पता था नहीं उनका, चहरा ही बस प्यालों में नज़र आया, घोंट के पि गए हम उसको भी सोडे के साथ, इसी बात पे, facebook update तो बनता है......

मोहब्बत...

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टपकती है निगाहों से, बरसती है अदाओं से, कौन कहता है, "मोहब्बत" पहचानी नहीं जाती... चहरे की शोखियों से, बयां होतो समझलेना, दास्ताँ-ए-वफ़ा ऐसी, मुह जबानी बयां नहीं होती... शोहरत हो या हो दौलत, बोली लगाओगे कैसे ? कीमत दिल हार कर भी जिसकी, यारों चुकाई नहीं जाती... समझ जाओ तो कुदरत, वरना बस यही फुरकत, कौन कहता है, रूह तुम्हारी बेगानी नहीं होती...    

तकाजा है...

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कुसूर मेरा नहीं है कुछ यारों , इलज़ाम लगाना ही है तो मौसम पे लगा , ये तो बस इस कातिल बहार का तकाजा है... ना देख यूँ सर्द आखों से हमको जालिम , निगाहों से उनकी पिने को जी जो गर चाहे तो , ये भी बस उसी खुमार का तकाजा है... इंतज़ार में अंधी हुई यादें भी अब तेरी ऐसे , सब्र भी साथ सा छोड़े चले जाता है , ये शायद बस उनके इक दीदार का तकाजा है... हाथ में जाम है यार के नाम का , होठों पे नाम भी आते-आते लौट जाता है , ये भी इकरार का ही तो तकाजा है... जाने क्यूँ एक बेवफा का ऐतबार आज भी है , इस खालीपन में कुछ चीखें अब भी बाकी हैं , ये "विनीत" तेरे ही उस प्यार का तकाजा है...      P.S : Pic clicked by Sourabh Sabharwal...