हालात
एक वादा था तेरे हर वादे के पीछे,
तू मिलेगा मुझसे हर गली, हर मोड़, हर दरवाज़े के पीछे.
पर वो अब आधे रस्ते में साथ छोड़ निकले,
एक वो ही नहीं होंगे मेरे जनाज़े के पीछे...
तू मिलेगा मुझसे हर गली, हर मोड़, हर दरवाज़े के पीछे.
पर वो अब आधे रस्ते में साथ छोड़ निकले,
एक वो ही नहीं होंगे मेरे जनाज़े के पीछे...
वो कहते हैं हालात हैं इस गुनाह के पीछे,
कहते हैं मजबूरियां हैं इस बेदर्दी के पीछे,
हमने तो बस साथ माँगा है उनका,
एक वो ही नहीं इन् हालातों के पीछे...
वो कहते हैं कोई नहीं देगा साथ हमारा,
अकेले ही लड़ना होगा सभी से,
हम कहते हैं थामा है हाथ हमने,
हम हैं तुम्हारे कदमो के पीछे...
वो कहते हैं की अब भी तुम ही हो दिल में बसे,
तुम ही हो हर जज्बात के पीछे,
हम कहते हैं तुम हाथ थाम लो हमारा बस,
नहीं जरुरत किसी और की हमें अब,
नहीं देना किसी और का साथ,
नहीं चलना किसी और के पीछे...
तू मिलेगा मुझसे हर गली, हर मोड़, हर दरवाज़े के पीछे.
पर वो अब आधे रस्ते में साथ छोड़ निकले,
एक वो ही नहीं होंगे मेरे जनाज़े के पीछे...

amazing.....
ReplyDelete:)
ReplyDelete