ख़ामोशी
दिल में एक ख़ामोशी सी छाई है,
कई दिनों से दिल के दरवाज़े पर कोई आहट नहीं आई है,
अब तो लगता है जैसे सारे जज़्बात पराये हो गए हैं,
सिर्फ दूर तक मेरी ख़ामोशी ही साथ चली आई है...
काश के में लिख सकता अपनी तकदीर खुद,
बदल सकता में अपनी तस्वीर खुद,
खुद ही से बातें किया करते हैं हम तो आज कल,
खुद से पूछते हैं, खुद ही जवाब दिया करते हैं...
अब इंतज़ार की आदत सी हो गई है,
ख़ामोशी एक हालत सी हो गई है,
न शिकवा न सिकायत है किसी से,
क्यूंकि अब अकेलेपन से मोहब्बत सी हो गई है...
अब हो गयी है मुझे शिकायात अपने ही आईने से,
हर घर में विरानगी का मातम सा लगता है,
अब तो लगता है जैसे सारे जज़्बात पराये हो गए हैं,
और सिर्फ दूर तक मेरी ख़ामोशी ही साथ चली आई है...
कई दिनों से दिल के दरवाज़े पर कोई आहट नहीं आई है,
अब तो लगता है जैसे सारे जज़्बात पराये हो गए हैं,
सिर्फ दूर तक मेरी ख़ामोशी ही साथ चली आई है...
काश के में लिख सकता अपनी तकदीर खुद,
बदल सकता में अपनी तस्वीर खुद,
खुद ही से बातें किया करते हैं हम तो आज कल,
खुद से पूछते हैं, खुद ही जवाब दिया करते हैं...
अब इंतज़ार की आदत सी हो गई है,
ख़ामोशी एक हालत सी हो गई है,
न शिकवा न सिकायत है किसी से,
क्यूंकि अब अकेलेपन से मोहब्बत सी हो गई है...
अब हो गयी है मुझे शिकायात अपने ही आईने से,
हर घर में विरानगी का मातम सा लगता है,
अब तो लगता है जैसे सारे जज़्बात पराये हो गए हैं,
और सिर्फ दूर तक मेरी ख़ामोशी ही साथ चली आई है...

really tuchin man...
ReplyDeletewow.... :( :'( <3
ReplyDeleteThnks guyz.. means a lot.. :)
ReplyDeletegud gud.......nice..:)
ReplyDeletehamare room ka yahi haal hai aaj kal..:P
ReplyDeleteBDW really nice..;o)