आँखें

जब खुदा ने तुझे बनाया होगा,
एक-आधा जाम तो उसने भी लगाया होगा...
ऐसे ही नशीली नहीं हैं तेरी आँखें,
जाम का कुछ तो असर तेरी आँखों में आया होगा…

उन आँखों से जब तलक मैंने जाम नहीं पिया,
ज़िन्दगी में तब तक किया तो क्या किया ??
नशीली कुछ ऐसी हैं तेरी आंखें,
ये ज़हर पिए बिना मैं जिया भी तो क्या जिया ??

जब खुदा ने तुझे बनाया होगा,
एक-आधा जाम तो उसने भी लगाया होगा...
ऐसे ही नशीली नहीं हैं तेरी आँखें,
जाम का कुछ तो असर तेरी आँखों में आया होगा…

Comments

Popular posts from this blog

धुआं ही तो है ...

Absence...