सीख ले...
कोई रात है पूनम तो कोई है अमावस,
चांदनी उसी की है जो चाँद पाना सीख ले...
चांदनी उसी की है जो चाँद पाना सीख ले...
यूँ तो सभी आये हैं रोते हुए इस जहाँ में,
पर सारा जहाँ है उसी का जो मुस्कुराना सीख ले...
पर सारा जहाँ है उसी का जो मुस्कुराना सीख ले...
कुछ भी नज़र न आये अंधेरों में रहकर,
रौशनी है उसी की जो शमा जलाना सीख ले...
रौशनी है उसी की जो शमा जलाना सीख ले...
हर गली में “मंदिर”, हर राह में “मस्जिद” है,
पर खुदाई है उसकी जो सर झुकाना सीख ले...
पर खुदाई है उसकी जो सर झुकाना सीख ले...
हर सीने में दिल, हर दिल में मोहब्बत है,
पर प्यार मिलता है उसी को जो दिल लगाना सीख ले...
पर प्यार मिलता है उसी को जो दिल लगाना सीख ले...
लोंगो का काफिला उसी के साथ है,
जो सच्चे दिल से रिश्ते निभाना सीख ले...
जो सच्चे दिल से रिश्ते निभाना सीख ले...
ख़ुशी की तलाश में ज़िन्दगी गुज़र जाती है,
पर खुशियाँ उन्ही को मिलती हैं जो दूसरों के गम मिटाना सीख ले...
पर खुशियाँ उन्ही को मिलती हैं जो दूसरों के गम मिटाना सीख ले...

arey jaaneman last lines ne toh samaah hi baandh diya... ;)
ReplyDeleteapna gum bhoolna h toh dusron ko unke gum bhulaane mein help karo apna gum khud hi gaayab...
koi samjhta hi nahi..
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