ना तुम मुस्कुराते

ना तुम मुस्कुराते, ना ये बात होती...
ना यूँ बिजलियाँ चमकती, ना बेमौसम बरसात होती,
ना दिल ही धड़कता हमारा, ना धडकनों में वो रफ़्तार होती,
ना खवाबों में रोज़ मुलाकात होती, ना बहती सी जिंदगी यूँ थमी होती,
ना गले लगाया होता तुमने, ना दुनिया हमारी तुम्ही में सिमटी होती,
ना तुमने पलकों को झुकाया होता, ना वक़्त से पहले शब् ही ढली होती,
ना तुमने कुछ कहा होता, ना हमने कुछ सुना होता...
ना तुम मुस्कुराते, ना ये बात होती...

 

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